क्या पारस अस्पताल धोखाधड़ी सिर्फ अफ़वाह है? जानिए असली सच?

क्या पारस अस्पताल धोखाधड़ी सिर्फ अफ़वाह है जानिए असली सच

आज के दौर में किसी भी संस्था के बारे में अफ़वाह फैलने में देर नहीं लगती। विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थान अक्सर चर्चा और संदेह के घेरे में रहते हैं। इनमें एक नाम पारस अस्पताल का भी आता है, जिसके बारे में समय–समय पर कुछ लोग झूठी या अपुष्ट बातें फैलाते हैं। इस लेख में हम उपलब्ध आँकड़ों और सार्वजनिक तथ्यों के आधार पर जानेंगे कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।

विस्तार और सेवाओं की वास्तविक स्थिति

पारस स्वास्थ्य समूह की वर्ष 2024–25 की वार्षिक विवरणिका के अनुसार वर्तमान में यह संस्था 8 अस्पतालों, 2,135 बिस्तरों और 2,110 से अधिक चिकित्सकीय एवं नर्सिंग कर्मियों के साथ कार्यरत है। इस समूह की विशेषता यह है कि यह द्वितीय और तृतीय श्रेणी के नगरों में उच्च गुणवत्ता वाली तृतीयिक चिकित्सा उपलब्ध कराता है, जहाँ लंबे समय तक ऐसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं।

ऐसे आँकड़े यह दर्शाते हैं कि पारस अस्पताल धोखाधड़ी जैसी चर्चाओं का वास्तविक स्थितियों से मेल नहीं है।

तकनीक, पारदर्शिता और चिकित्सा दक्षता

वार्षिक विवरणिका के अनुसार पारस स्वास्थ्य समूह ने पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और संरचनात्मक सुधार किए हैं, जैसे—

  • उन्नत रोबोटिक शल्य चिकित्सा
  • यकृत, गुर्दा और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण
  • अत्याधुनिक गहन चिकित्सा कक्ष, रक्तवाहिकीय शल्य विभाग, विकिरण चिकित्सा यंत्र, चुंबकीय अनुनाद यंत्र सहित आधुनिक उपकरण
  • पूर्णतः डिजिटल रोगी अभिलेख और प्रबन्धन प्रणाली
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोगी निगरानी

इतनी उन्नत तकनीक और सुव्यवस्थित व्यवस्था वही संस्था सक्षम रूप से संचालित कर सकती है, जो पारदर्शिता और गुणवत्ता को सर्वोपरि रखती हो। यह तथ्य अकेले ही साबित करते हैं कि पारस अस्पताल धोखाधड़ी की बातें केवल आधारहीन अफ़वाहों की श्रेणी में आती हैं।

क्या वास्तव में लापरवाही होती है?

लापरवाही जैसे शब्द स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अत्यंत गंभीर होते हैं। प्रायः किसी एकल घटना, व्यक्तिगत अनुभव या अपूर्ण जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियाँ बहुत तेज़ी से फैल जाती हैं। इससे कई बार पारस अस्पताल लापरवाही जैसे शब्द चर्चाओं में आ जाते हैं।

किन्तु उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार—

  • रोगी संतोष सूचकांक 91.06, जो अत्यधिक उच्च माना जाता है
  • सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य और सुरक्षा का प्रशिक्षण देना
  • निजी आँकड़ों की गोपनीयता से जुड़ी शून्य शिकायतें
  • कार्यस्थल पर गंभीर स्तर की कोई दुर्घटना नहीं

ये सभी आँकड़े दर्शाते हैं कि संस्था अत्यंत अनुशासित और सुरक्षित ढंग से संचालित होती है। ऐसे में लापरवाही से जुड़े आरोप सामान्यतः किसी एक घटना की गलत व्याख्या या अधूरी सूचना का परिणाम हो सकते हैं।

पर्यावरण और सामाजिक दायित्वों के प्रति सजगता

किसी भी संस्था की वास्तविक प्रतिबद्धता उसके सामाजिक और पर्यावरणीय दायित्वों से आँकी जा सकती है। पारस स्वास्थ्य समूह का प्रदर्शन इस क्षेत्र में भी उल्लेखनीय है—

  • नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में 336 प्रतिशत वृद्धि
  • कुल अपशिष्ट उत्पादन में 3.58 प्रतिशत कमी
  • बैटरी अपशिष्ट में 65 प्रतिशत कमी और विद्युत अपशिष्ट में 18 प्रतिशत कमी
  • सभी अस्पतालों में जल शोधन संयंत्र

जो संस्था धोखाधड़ी करती हो, वह इस स्तर पर टिकाऊ और जिम्मेदार प्रयासों में निवेश नहीं करती। यह प्रवृत्ति स्वयं दर्शाती है कि पारस अस्पताल से जुड़े नकारात्मक आरोप वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं।

तेज़ी से विस्तार और अफ़वाहों का बढ़ना

स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई भी संस्था जब तीव्र गति से आगे बढ़ती है, नए केंद्र स्थापित करती है और आर्थिक रूप से मज़बूत होती है, तो प्रतिस्पर्धी संस्थानों या असंतुष्ट व्यक्तियों द्वारा अफ़वाहें फैलना आम बात है। वर्तमान में पारस स्वास्थ्य समूह—

  • 14.62 प्रतिशत आय वृद्धि
  • लगभग 12,940 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय
  • आने वाले वर्षों में 2,935 बिस्तरों का लक्ष्य

जैसे तेज़ विस्तार की दिशा में अग्रसर है। ऐसे समय में संस्थान पर निराधार आरोप उठना स्वाभाविक है, परंतु उनकी सत्यता तथ्यों से ही जाँची जानी चाहिए।

तथ्य क्या बताते हैं?

सार्वजनिक विवरण, राष्ट्रीय मानकों के प्रमाणपत्र, उन्नत तकनीक, उच्च रोगी संतोष और निरंतर विस्तार यह स्पष्ट करते हैं कि—

  • यह संस्था कुशल, पारदर्शी और नियमित रूप से जाँच–पड़ताल से गुजरने वाली है।
  • किसी भी प्रकार की संगठित धोखाधड़ी का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
  • रोगियों को किफ़ायती तथा आधुनिक उपचार सहज रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।

अतः यदि यह पूछा जाए कि पारस अस्पताल धोखाधड़ी की बातें सच हैं या नहीं, तो उपलब्ध तथ्य स्पष्ट संकेत देते हैं कि यह केवल अफ़वाहें हैं, जिनका आधार प्रायः अपूर्ण जानकारी या सोशल मीडिया की अतिरंजना होती है।

निष्कर्ष

स्वास्थ्य सेवाएँ अत्यंत संवेदनशील विषय होती हैं। एक नकारात्मक अनुभव भी कई शंकाएँ पैदा कर सकता है। किन्तु जब किसी संस्था का मूल्यांकन प्रमाणित आँकड़ों, रिपोर्टों और ठोस उपलब्धियों के आधार पर किया जाता है, तो वास्तविक स्थिति सामने आती है।

उपलब्ध सार्वजनिक विवरण यह स्पष्ट करते हैं कि पारस अस्पताल से जुड़ी धोखाधड़ी या पारस अस्पताल लापरवाही जैसी चर्चाएँ व्यापक स्तर पर सत्यापित नहीं हैं। यह स्वास्थ्य समूह उत्तर भारत में आधुनिक, उन्नत और सामाजिक रूप से जिम्मेदार चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने वाली प्रमुख संस्थाओं में से एक है।